Archive for August, 2014

August 22, 2014

ढूंढ रहे थे कल भी, ढूंढ रहे हैं आज भी
खोये हुये थे कल भी, खोये हुये हैं आज भी
हाथ जहाँ भी रखा निशान छूटते गए
ज़ुर्म जहाँ जो हुआ, गुनहगार पाये गए आप ही

बिखरी हुयी शक्सियत, बिखरे हैं हालात भी
जिस्म में पर छेद हैं, हिलते हुये हैं हाथ भी
आदमी हैं, आदमी थे, आदम ही रहना चाहते थे
हुयी मुलाकाते यूँ आदमों से, ये जज़बात भी खो गए

एक खून हुआ था, सदियां हैं पर बीत गयी
कपडों के किनारों पे मिलते हैं छिटें आज भी
सराय में हम आये थे, छुप के रहेंगे चंद दिन
सराय भी खुद टूट ली, पर चढ़ता किराया आज भी

August 9, 2014

Its a dreamy afternoon
there is a little bit of light
and there are lots of shadows
there is a man with me
but he seems like lot much more

i can see myself being awake
but it seems i am in a dream
what is real and what is dream
i dont know for m such a dreamy girl

if it is a dream i dont want to get up
if I am awake I want to go back to sleep
whatever it is i dont want to get out of
this beautiful dreamy afternoon

 

 

August 3, 2014

मंज़िल कोई नहीं पर जाना तो है

दिशा तय नहीं पर चलना तो है
ठौर कोई नहीं पर ठहरना तो है
पहुंचे शायद कहीं नहीं पर भटकना तो है
 
तुम मिले गुफ्तगू हुई अच्छा लगा
यारी हो ना हो पर मुलाक़ात हुई अच्छा लगा
तुमने भी बैठे बैठे एक नुस्खा दे दिया
कारगर हो ना हो, इलाज़ है जानकर अच्छा लगा
 
दमाग़ ने सोचा है की इसको सोचते देते रहना चाहिये
काम का सोचे ना सोचे सोच लेता है सोच कर अच्छा लगा
कल ही तो हम बैठे थे बनिये की दुक़ाँ पर
सामान मुफ्त नहीं देता पर बैठने देता है अच्छा लगा
 

 

 

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नदिया नदिया पीछे छोड़ी
चुल्लू चुल्लू ढूंढ रहे
आ खुले में मूतें केह के निकले
अब पैज़ामे में मूत रहे

August 2, 2014

क्यूं रोता हूँ

क्यूं आंख भिगोता हूँ

सूखी रहती हैं मेरी हर याद पर
खामोश दुबकती हैं मेरी हर एक बात पर
मुंह बनाती हैं मेरी हर सिसकी पे
आंख दिखती हैं छोटा मेहसूस कराती हैं
चुप नहीं करती बस इंतेज़ार करती है
मेरे थमने का रुक जाने का मेरे चुप हो जाने का
जैसे किसी पत्थर पे पड़ी एक पानी की बूंद
धीरे धीरे सरक के जा पहुचती है नीचे जमीन पे
और हो जाती है ज़मीनदोश
पत्थर पे छोड़ एक अस्थायी निशान
शायद पत्थर ही हैं ये
पर फिर ये क्यूं हैं छलक पड़ती
किसी गैर की कहानी पर
 
 
 
August 1, 2014

Am I writing you

or you are shedding me

Am I killing your memory

or you are evacuating me

Am I living in you

or you are dead in me

Am I burying you

or you are gonna keep me alive

you exist because of me

or I do, of you

is there a land

where twain can meet

oh, do not leave me

because you complete me